धरना-प्रदर्शन-प्रतिरोध

सीएसडब्लूयू, भिलाई के बैनर तले प्रदर्शन

सेंटर ऑफ स्टील वर्कर्स - सीएसडब्लूयू, भिलाई (संबद्ध ऐक्टू) ने भिलाई स्टील प्ंलाट में कार्यरत स्थाई इस्पात कर्मियों व ठेका श्रमिकों के ज्वलंत मुद्दों को जोर-शोर से उठाते हुए 2 फरवरी, 2019 को इक्विपमेंट चैक, सेक्टर-1, आई.आर. के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर इस संबंध में आई.आर. के माध्यम से प्लांट प्रबंधन को और एचएससीएल प्रबंधन को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर इस्पात कर्मियों व ठेका श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की.

बैरकपुर के जूट मिल श्रमिकों का जेल भरो संघर्ष

बैरकपुर, प. बंगाल के जूट मिल श्रमिकों ने ऐक्टू से संबद्ध बंगाल चटकल मजदूर फेडरेशन (बीसीएमएफ) और 20 अन्य यूनियनों के नेतृत्व में 21 जनवरी को जेल भरो संघर्ष के तहत पुलिस द्वारा लगाये बैरिकेडों को तोड़कर गिरफ्तारी दी. प्रदर्शनकारी श्रमिकों को गिरफ्तार कर टीटागढ़ पुलिस थाने ले जाया गया. इस जेल भरो संघर्ष में जूट मिल श्रमिकों की अगुवाई बीसीएमएफ के नबेंदु दासगुप्ता, बीसीएमयू के आनंदी साहू व गार्गी चटर्जी, एनजेडब्लूयू के गरीब साहू और एनएफसीयू के लियाकत अली ने किया.

संघर्ष के बलबूते आश्रितों को मिला मुआवजा और नौकरी

24 जनवरी 2019 को सिंदरी एसीसी सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत तीन मजदूर दब गये. उनमें से दो मजदूरों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई एवं एक मजदूर की मृत्यु धनबाद जालान अस्पताल में ईलाज के दौरान हुई. घटना उक्त तिथि को बी शिफ्ट में रात्रि लगभग 9 बजे हुई. मजदूरों का नाम था- गोपाल सिंह, अजित गोराई एवं निमाई मंडल. घटना की जानकारी फैक्ट्री में कार्यरत मजदूरों को दिये बगैर प्रबन्धन ने आनन-फानन में एम्बुलेंस के माध्यम से चोटिल मजदूरों को लेकर जालान अस्पताल में शिफ्ट करा दिया और खुद भाग गये. लेकिन घटना की सूचना आग की तरह फैल गयी.

बिहार के नगर निगमों में सफाई मजदूरों की जीत

बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (संबद्ध ऐक्टू) के नेतृत्व में राज्य के सफाई कर्मचारियों ने कई नगर निगमों में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी सहित कई मांगें हासिल की हैं.

सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन

सीसीएल प्रबंधन के इशारे पर कोल माफियाओं द्वारा मजदूरों को रोजगार एवं मजदूरी से वंचित रखने के खिलाफ सिरका महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष दुर्गा मंडप में 25 जनवरी को सैंकड़ों मजदूरों ने ऐक्टू और भाकपा-माले के नेतृत्व में प्रदर्शन किया. प्रदर्शन की अगुवाई भुनेश्वर बेदिया, पचु राणा, सोहराय किस्कू, जयनंदन गोप, धनेलाल बेदिया, देवकीनंदन बेदिया, लाली बेदिया एवं बसी खान ने की.

बिहार में फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट आदेश की प्रति को जलाया गया

मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1946 में संशोधन कर फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट का प्रावधान जोड़े जाने व नीतीश सरकार द्वारा औद्योगिक नियोजन नियमावली 1947 में संशोधन कर “फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट“ को बिहार में तत्परता से लागू किए जाने के विरोध में तथा हड़ताली रसोईयों के आंदोलन व मांगो के समर्थन में 29 जनवरी को ऐक्टू के बैनर तले मज़दूरों ने फुलवारी शरीफ, बिहार में प्रदर्शन किया और स्थानीय भगत सिंह चैक पर फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट की प्रति को जलाया.

बिहार में विद्यालय रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

बिहार में आशाकर्मियों के आंदोलन के सफल समापन के तुरंत बाद सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी रसोइयों की जोरदार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो चुकी है. ऐक्टू से संबद्ध बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ के साथ ही एटक, सीटू और एआईयूटीयूसी से संबद्ध- इन चार संघों के संयुक्त मंच ‘बिहार राज्य मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघर्ष समिति’ के बैनर तले बिहार के 2.48 लाख विद्यालय रसोइया विगत 7 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.

पटना के कंकड़बाग फुटपाथ दुकानदारों का निगम कार्यालय के समक्ष धरना

40 से अधिक वर्षों से कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड के निकट फुटपाथ पर कारोबार कर रहे यहां के सब्जी मार्केट एवं फुटपाथ दुकानदारों को अतिक्रमण के नाम पर नगर निगम द्वारा बार-बार उजाड़ दिए जाने तथा सम्पतियों को नष्ट कर देने से आक्रोशित सैकड़ों सब्जी विक्रेताओं व फुटपाथ दुकानदारों ने 6 दिसंबर 2018 को विरोध में तथा सभी दुकानदारों को स्थायी मार्केट बना कर देने की मांग पर  कंकड़बाग टेंपो स्टैंड पर नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट के पास धरना दिया.

लखनऊ में ऐक्टू का प्रदर्शन

बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) चालकों के उत्पीड़न एवं रेहड़ी पटरी दुकानदारों को उजाड़े जाने के विरोध में 28 दिसम्बर 2018 को ऐक्टू ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा. ज्ञापन में ई-रिक्शा चालकों का उत्पीड़न बन्द करने, उनके लिये रुट तय किये करने व स्टैंड बनाने और पटरी दुकानदारों को उजाड़ना बन्द करके उन्हें रोजगार की सुरक्षा देने की मांग की गई.

बिहार में विद्यालय रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

बिहार में आशाकर्मियों के आंदोलन के सफल समापन के तुरंत बाद सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी रसोइयों की जोरदार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो चुकी है. ऐक्टू से संबद्ध बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ के साथ ही एटक, सीटू और एआईयूटीयूसी से संबद्ध- इन चार संघों के संयुक्त बैनर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरूआत हो चुकी है. 7 जनवरी से शुरू हुई इस हड़ताल में रसोईयों का पारिश्रमिक तुरंत बढ़ाने और उनका न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने की मुख्य मांग समेत कुल 14 मांगें शामिल हैं. इससे पूर्व बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के नेतृत्व में पांच दिवसीय हड़ताल (5-9 अक्टूबर 2018) हुई थी.