संकल्प/आह्वान

मोदी राज के पांच साल पुलवामा के नाम पर समाज में सांप्रदायिक नफरत और हिंसा फैलाने की घिनौनी चालों को नाकाम करें! ‘‘मोदी हटाओ - रोजी-रोटी, अधिकार बचाओ’’! ‘‘मोदी हटाओ - लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’’! जन संघर्षों के मुद्दों को बुलंद करो!

(ऐक्टू के ‘‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’’ अभियान (1 मार्च-31 मार्च) के माध्यम से देश के मेहनतकश अवाम के बीच ले जाया गया संदेश.)

लोकसभा चुनाव 2019 की उलटी गिनती शुरू हो गई है. मोदी सरकार के पांच साल का शासनकाल लूट, झूठ, बांटो और मेहनतकशों के जीवन में तबाही मचाने वाला राज साबित हुआ. अपने अंतिम बजट में भी मोदी सरकार ने मेहनतकशों और आम अवाम के सवालों को ठुकरा दिया, सिवाय कुछ झुनझुने पकड़ाने के.

सामान्य कोटि के आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षणः मोदी सरकार की हताशाभरी भटकाऊ चालबाजियों का पर्दाफाश और प्रतिकार करो

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान चलाये गये प्रचार अभियान में नरेन्द्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर सृजन करने का वादा किया था. इसके बजाय सरकार ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां हर साल एक करोड़ लोगों का रोजगार खत्म हो रहा है. सन् 2018 में, जो मोदी सरकार के शासनकाल का चौथा साल था, भारत में रोजगार के 1 करोड़ 10 लाख रोजगार के अवसर खत्म हो गये, और बेरोजगारी की दर बड़ी तेजी से आसमान छू रही है.

मोदी नामक तबाही से भारत को बचाओ! भारतीय लोकतंत्र का पुनर्निर्माण करो!

गणतंत्र दिवस 2019

भारत में संविधान को अस्तित्व में आये अब लगभग सत्तर वर्ष हो चले हैं. जब नरेन्द्र मोदी अपनी सरकार को इस बात का श्रेय देते हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसे काम कर दिखाए हैं जिन्हें पिछले सत्तर सालों में इससे पहले की कोई भी सरकार नहीं कर सकी थी, तो वह एक मामले में बिल्कुल सही कह रहे हैं. इससे पहले कभी भी भारत के संविधान को उलटने की इतनी बेताब कोशिश कभी नहीं दिखाई पड़ी.

रिजर्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की रक्षा करो

देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान, भारत के केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्वायत्तता खतरे में है. और इसी से जुड़ा है सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का अस्तित्व. कॉरपोरेट-परस्त मोदी सरकार भारतीय रिजर्व बैंक को अपने इशारे पर चलाना चाहती है. मोदी सरकार का दबाव है कि केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व फंड की एक तिहाई राशि यानी 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपये सरकार के खजाने (ट्रेजरी) में डाल दे. अन्यथा भारतीय रिजर्व बैंक कानून की धारा लागू करके भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर की शक्ति क्षीण कर दी जाएगी. मोदी सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपने पक्ष में फैसला करवाना चाहती है.

मोदी के भारत में मार्क्स की 200वीं जन्मवार्षिकी: मार्क्स के विचार प्रतिरोध के हथियार हैं

हम मार्क्स के जन्म की द्विशतवार्षिकी मना रहे हैं. एक ऐसे समय, जब संघ ब्रिगेड ने लोकतंत्र पर जहरीला हमला कर दिया है और वह समूचे देश और समाज पर संघ की विचारधारा को जबरदस्ती थोप देने की कोशिश कर रहा है, तब मार्क्स की 200वीं जन्मवार्षिकी हमें मार्क्स के क्रांतिकारी विचारों को व्यापक रूप से प्रसारित करने और उन पर चर्चा करने तथा लोकतंत्र, आजादी और बराबरी के लिये एक सशक्त संग्राम छेड़ देने का हमें बहुत बड़ा मौका दे रही है.

जन प्रतिरोध को बुलन्द करें, फासीवादी ताकतों को परास्त करें ! सामाजिक-आर्थिक बदलाव, बराबरी और सम्मान के संघर्षों को आगे बढ़ाएं ! भगत सिंह और उनके साथियों की विरासत को बुलन्द करें ! भाकपा (माले) के 10वें पार्टी महाधिवेशन को सफल बनायें !

जन प्रतिरोध को बुलन्द करें, पफासीवादी ताकतों को परास्त करें ! सामाजिक-आर्थिक बदलाव, बराबरी और सम्मान के संघर्षों को आगे बढ़ाएं ! भगत सिंह और उनके साथियों की विरासत को बुलन्द करें ! भाकपा (माले) के 10वें पार्टी महाधिवेशन को सफल बनायें !