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All India Central Council of Trade Unions

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प्रिकोल मजदूरों के संबंध में मद्रास हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला पुष्टि करता है कि श्रमिक अधिकार मौलिक अधिकार हैं

कोयम्बतूर स्थित प्रिकोल कंपनी के मजदूरों के एक मामले में श्रम कानूनों की पुष्टि करता हुआ तमिलनाडु हाईकोर्ट का एक हालिया फैसला ट्रेड यूनियन आंदोलन और कार्यकर्ताओं के लिए एक दुर्लभ एवं स्वागतयोग्य राहत बन कर आया है. यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के वर्षों में विभिन्न न्यायालयों में मजदूर-विरोधी फैसलों की बाढ़ सी आ गई है. तमिलनाडु हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति वी. परथिबन ने यह फैसला दिया कि मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार का उल्लंघन करना और मजदूरों को उनके बकाया देने में देरी करने के बहाने करना, संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का मामला बनता है.

श्रमिकों के राष्ट्रीय कन्वेंशन में पारित हुआ श्रमिकों का मांगपत्र

मोदी शासन में 8-9 जनवरी 2019 की ऐतिहासिक दो दिवसीय देशव्यापी आम हड़ताल समेत तीन हड़तालें और अनेक प्रतिवाद कार्यक्रमों के माध्यम से देश के श्रमिकों ने 12-सूत्री मांगो पर अपना संघर्ष जारी रखा और इसे आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 2019 के आम चुनावों के लिए अपना मांगपत्र (देखें आगे) बुलंद करने के लिये 5 मार्च 2019 को देश के 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त मंच के बैनर तले नई दिल्ली में राष्ट्रीय कन्वेंशन का आयोजन किया.

ऐक्टू का हाजीपुर जिला कन्वेंशन

21 फरवरी को ऐक्टू का हाजीपुर (बिहार) जिला कन्वेंशन ऐक्टू कार्यालय के प्रांगण में संपन्न हुआ. सात-सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने कन्वेंशन का संचालन किया. कन्वेंशन की शुरुआत पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने से हुई. कन्वेंशन में सदस्य संख्या में बढ़ोतरी, नवीकरण और ढांचा निर्माण की रूपरेखा तैयार की गई. कन्वेंशन को ऐक्टू के राज्य सचिव सुरेंद्र प्र. सिंह, जिला अध्यक्ष उमेश चन्द्र पटेल, सह सचिव संगीता देवी, निर्माण मजदूर यूनियन अध्यक्ष हरि कुमार राय, फुटपाथ दुकानदार संघ के उपाध्यक्ष मो0 सिकन्दर जमील, फुटपाथ टी.एल.एफ.

‘‘घर चाहिये, नफरत नहीं’’ ग्रामीण गरीबों की फैजाबाद में महासंसद

संघ-भाजपा द्वारा मंदिर मुद्दे को आगे कर जनता के जरूरी सवालों को पीछे धकेलने, मोदी सरकार की पांच साल की विफलताओं से ध्यान भटकाने और चुनावी साल में ध्रुवीकरण कराने की कोशिशों के बीच, 9 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी तादाद में फैजाबाद-अयोध्या पहुंचे ग्रामीण गरीबों ने अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले मजदूर महासंसद लगा कर हुंकार भरी और भोजन, जमीन, आवास, आजीविका, सम्मान, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दे उठाकर दावेदारी पेश की.

मोदी राज के पांच साल पुलवामा के नाम पर समाज में सांप्रदायिक नफरत और हिंसा फैलाने की घिनौनी चालों को नाकाम करें! ‘‘मोदी हटाओ - रोजी-रोटी, अधिकार बचाओ’’! ‘‘मोदी हटाओ - लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’’! जन संघर्षों के मुद्दों को बुलंद करो!

(ऐक्टू के ‘‘मोदी हटाओ, देश बचाओ’’ अभियान (1 मार्च-31 मार्च) के माध्यम से देश के मेहनतकश अवाम के बीच ले जाया गया संदेश.)

लोकसभा चुनाव 2019 की उलटी गिनती शुरू हो गई है. मोदी सरकार के पांच साल का शासनकाल लूट, झूठ, बांटो और मेहनतकशों के जीवन में तबाही मचाने वाला राज साबित हुआ. अपने अंतिम बजट में भी मोदी सरकार ने मेहनतकशों और आम अवाम के सवालों को ठुकरा दिया, सिवाय कुछ झुनझुने पकड़ाने के.

पुलवामा को मोदी के सत्ता के खेल का मोहरा न बनने दें! नफरत और जंगखोरी के संघी अभियान का प्रतिरोध करें!

जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ के रक्षक-दल पर उस भयावह हमले के बाद समूचा देश पुलवामा त्रासदी और उसके बाद की घटनाओं से उबरने की कोशिश अभी भी कर रहा है. इस हमले में मृतकों की संख्या 50 के करीब पहुंच चुकी है, और कई जवान अपने गंभीर जख्मों से अभी तक जूझ रहे हैं. इस हमले का दुस्साहस - लगभग तीन सौ किलोग्राम विस्फोटकों से लदी एक कार 78 वाहनों के रक्षा दल का रास्ता काट कर सीआरपीएफ जवानों से भरी एक बस से जा टकराती है - और, इस त्रासदी का बड़ा पैमाना जिसने आज तक के इतिहास में इस घाटी में सबसे ज्यादा सुरक्षा बलों की जान ली है, सचमुच सर चकराने वाला है.

बिहार में फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट आदेश की प्रति को जलाया गया

मोदी सरकार द्वारा औद्योगिक नियोजन (स्थाई आदेश) अधिनियम 1946 में संशोधन कर फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट का प्रावधान जोड़े जाने व नीतीश सरकार द्वारा औद्योगिक नियोजन नियमावली 1947 में संशोधन कर “फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट“ को बिहार में तत्परता से लागू किए जाने के विरोध में तथा हड़ताली रसोईयों के आंदोलन व मांगो के समर्थन में 29 जनवरी को ऐक्टू के बैनर तले मज़दूरों ने फुलवारी शरीफ, बिहार में प्रदर्शन किया और स्थानीय भगत सिंह चैक पर फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट की प्रति को जलाया.

‘‘दिल्ली में प्रदूषण और जन-परिवहन का हाल, हर नागरिक का ज्वलंत सवाल’’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन

दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में 19 जनवरी 2019 को “दिल्ली में प्रदूषण और जन-परिवहन का हाल, हर नागरिक का ज्वलंत सवाल“ विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई.

परिचर्चा में भाग ले रहे प्रमुख विशेषज्ञ वक़्ता प्रोफ़ेसर दुनु रॉय, प्रोफ़ेसर गीतम तिवारी, प्रोफ़ेसर अनिता घई के साथ ही संतोष राय और कंवलप्रीत कौर ने पूरी परिचर्चा में इस महत्वपूर्ण मुद्दे को ना सिर्फ समझने में मदद की बल्कि इससे निकलने के संघर्ष में आम-जन की बृहत भूमिका को भी चिन्हित किया.

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का 6ठा राज्य सम्मेलन संपन्न

झारखण्ड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का 6ठा राज्य सम्मेलन 21-22 दिसम्बर 2018 को रांची में सम्पन्न हुआ. राज्य सम्मेलन का उद्घाटन राजीव डिमरी, महासचिव, ऐक्टू ने किया. उद्घाटन सत्र को ऐक्टू के राज्य सचिव शुभेन्दु सेन, बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद और महासचिव प्रेमचन्द कुमार सिन्हा ने संबोधित किया.