ASHA

Asha Workers

Accredited social health activists (ASHAs) is community health workers instituted by the government of India's Ministry of Health and Family Welfare (MoHFW) as part of the National Rural Health Mission (NRHM). The mission began in 2005.......

दिल्ली आशा कामगार यूनियन ने विधयकों को ज्ञापन सौंपे

ऐक्टू से संबद्ध ‘‘दिल्ली आशा कामगार यूनियन’’ आशा कर्मियों के अधिकारों को लेकर निरंतर संघर्षरत है. अपने संघर्ष के मौजूदा चरण में यूनियन दिल्ली विधान सभा के सभी विधायकों से मिलकर उन्हें आशा कर्मियों की मांगों को लेकर ज्ञापन दे रही है. ज्ञापन में मांग की गई है कि वे विधानसभा में इस प्रस्ताव को लेकर आयें कि आशा कर्मियों को न्यूनतम वेतन के बराबर वेतन दिया जाए, उनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और, चूंकि आशा कर्मियों के अधिकतर कार्य फील्ड संबंधी है, अतः उन्हें डीटीसी की बसों में बस पास की सुविधा दी जाए.

मजदूर-विरोधी, जन-विरोधी फासीवादी मोदी सरकार को हटाने के संकल्प के साथ मई दिवस के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किये गये

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर देश भर में ऐक्टू और भाकपा-माले ने रैलियों, जुलूस और सभाओं के रूप में विविध आयोजन किए और मजदूर-विरोधी, जन-विरोधी व राष्ट्र-विरोधी फासीवादी संघ-भाजपा निजाम को शिकस्त देने का संकल्प लिया. पिछले अंक में समय की कमी के चलते हम इनकी रिपोर्ट नहीं दे सके. इस अंक में प्रस्तुत है मई दिवस कार्यक्रमों की सक्षिप्त में रिपोर्ट.

बिहार में स्कीम कर्मियों का ऐक्टू के नेतृत्व में निरंतर संघर्ष

विद्यालय रसोईया

10 अप्रैल को चम्पारन सत्याग्रह शताब्दी समापन समारोह में शामिल होने आ रहे प्रधानमंत्री को अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन सौंपने के लिए ऐक्टू से संबद्ध ‘‘बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ’’ के आहृान पर हजारों की तादाद में, पुलिस प्रशासनिक आतंक को धता बताते हुए, विद्यालय रसोईया (मिड-डे मील योजना के तहत नियोजित कर्मी) मोतीहारी की सड़कों पर उतर आये. विदित हो कि रसोईया संघ ने अपने आंदोलनों के माध्यम से चम्पारन सत्याग्रह शताब्दी वर्ष का समापन किया.

बजट के खिलाफ पूरे बिहार में त्रिदिवसीय विरोध दिवस जगह-जगह मोदी व जेटली के पुतले फूंके गये

मोदी सरकार के 2018-19 के बजट में ट्रेड यूनियनों द्वारा पेश की गई 12-सूत्री मांगों में से किसी को भी नहीं माना गया है. अतः बिहार की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ऐक्टू, एटक एआईयूटीयूसी, सीटू, इंटक, टीयूसीसी, यूटीयूसी, एएमयू आदि ने आम बजट को मजदूर व गरीब विरोधी एवं कॉरपोरेटों के हितों वाला बताते हुए दिन 1 फरवरी को शाम को पटना जंकशन के निकट स्थित बुद्ध स्मृति पार्क से जुलूस निकाला जो डाकबंगला चैक तक गया, जहां मोदी और वित्तमंत्री जेटली का पुतला फूंका गया.

सितारगंज, उत्तराखंड की ऐक्टू इकाई का प्रथम सम्मेलन संपन्न

सितारगंज (उत्तराखंड) की ऐक्टू इकाई का प्रथम सम्मेलन 21जनवरी 2018 को सफलतापूर्वक अम्बेडकर प्रतिष्ठान में सम्पन्न  हुआ.

सरकारी साजिश बेनकाब - का. रामबली प्रसाद रिहा

बिहार में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ठेके पर नियोजित एएनएम-आर (नर्स) द्वारा जुझारूपन के साथ 2 नवंबर से 22 दिसंबर ‘17 तक चलाये गयी ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन हड़ताल का नेतृत्व करने के क्रम में बिहार के कर्मचारी-ठेका मानदेय कर्मचारी आंदोलन के चर्चित नेता व ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव रामबली प्रसाद को उच्चस्तरीय सरकारी साजिश के तहत 18 दिसम्बर को गिरफ्तार करके एक नया फर्जी केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया था.

स्कीम कर्मियों ने आयोजित की सफल देशव्यापी हड़ताल

विभिन्न सरकारी योजनाओं में कार्यरत स्कीम कर्मचारियों ने 17 जनवरी 2018 को सफल देशव्यापी हड़ताल संगठित की. विभिन्न योजनाओं में कार्यरत लगभग 20 लाख कर्मचारियों ने देशभर में सड़कों पर उतर कर रैलियों, प्रदर्शनों और धरनों से इस हड़ताल को सफल बनाया और पूरे देश में जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के मार्फत वित्त मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा. एक प्रेस बयान जारी कर इसी दिन केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने सफल हड़ताल के लिये स्कीम कर्मियों को बधाई दी.

आन्दोलन से डरी धोखेबाज नितीश/भाजपा सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद व अन्य जेल से रिहा

बेउर जेल गेट से की आगवानी लोकप्रिय मज़दूर कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित ऐटक नेता मो०आलम,एएनएम(आर) लक्की कुमारी,मनोज श्रीवास्तव,सुरेंद्र पासवान .......

एएनएम(आर) का सिविल सर्जन के समक्ष राज्यव्यापी प्रदर्शन

पटना सिविल सर्जन को सौंपा 6 सूत्री मांग पत्र. रामबली की रिहाई,फ़र्ज़ी मुकदमा वापस लेने,एएनएम(आर) की सभी मांगें पूरी करने की उठाई मांग लोकप्रिय मज़दूर व कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद सहित सभी नेताओं की बिना शर्त रिहाई, ...........