Joint Initiatives

बजट 2021 - मजदूर, किसान और जन विरोधी  ट्रेड यूनियनों का 3 फरवरी को देशव्यापी विरोध् 

(2 फरवरी को पेश हुए बजट के जवाब में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों और क्षेत्रवार फेडरेशनों/एसोसिएशनों के साझा मंच का बयान)

वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट लफ्फाजी से भरा हुआ और जमीनी सच्चाई से कोसों दूर है. यह पूरी तरह छलावे से भरा और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिये विनाशकारी है, साथ ही मेहनतकश अवाम की पीड़ाओं के प्रति क्रूर ढंग से संवेदनहीन है. वित्त मंत्री ने सरकार के आर्थिक सर्वे के उस दावे को दोहराया है कि श्रम कोड मजदूरों के लिए अच्छे हैं, और ठीक इसी तरह कृषि कानूनों की भी तारीफ की गई है. उन्होंने असल में मई 2020 को प्रस्तुत अपने छलावे भरे पैकेजों को ही आगे बढ़ाया है. 

चाय बागान मजदूरों के समक्ष चुनौतियां और  26 नवंबर की हड़ताल की तैयारियां

उत्तरी बंगालः इस बहु-प्रचारित लॉकडाउन के दौर में देश में सबसे पहले, करीबन मई महीने के बीच में खुलने वाले चाय बागान, शायद लॉकडाउन के दौरान उत्पादन शुरु करने वाले पहले उद्यम थे. केन्द्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों की कड़ियों में ये कहा गया था कि जुलाई के अंत तक 5 प्रतिशत के सीमित ऑपरेशन से लेकर 50 प्रतिशत मजदूरों को कुछ चरणों में काम पर लिया जाए, लेकिन असल में शुरु से ही शत-प्रतिशत मजदूरों को काम पर लगा दिया गया था.

ऐक्टू ने हिन्दू राव अस्पताल के आन्दोलनरत डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ जाहिर की एकजुटता

ऐक्टू समेत दिल्ली के विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों ने आज हिन्दू राव अस्पताल के आन्दोलनरत डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की. ऐक्टू के राज्य अध्यक्ष कामरेड संतोष राय, सीटू के राज्य अध्यक्ष कामरेड वीरेन्द्र गौड़ व एचएमएस के दिल्ली राज्य अध्यक्ष राजेन्द्र जी ने कर्मचारियों और डॉक्टरों को धरनास्थल पर संबोधित भी किया.

दिल्ली के ट्रेड यूनियन संगठनों द्वारा 26 नवंबर के देशव्यापी हड़ताल की तैयारी में आयोजित राज्य स्तरीय कन्वेंशन में अपनी बात रखते ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड संतोष रॉय

कन्वेंशन में उपस्थित ट्रेड यूनियन के साथियों ने मज़दूर-गरीब विरोधी सरकारों के खिलाफ, दिल्ली और देशभर में चल रहे तमाम आंदोलनों के साथ एकजुटता जाहिर की और 26 नवंबर की हड़ताल में तमाम आंदोलनरत साथियों को शामिल करने की बात कही। सभी मौजूद साथियों ने हड़ताल की तैयारी में पूरी ताकत से लगने का संकल्प लिया।

झुग्गिवासियों को उजाड़ने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ दिल्ली के वजीरपुर में चेतावनी भूख हड़ताल

पुनर्वास के बिना कोई बेदखली नहीं की घोषणा के साथ भाकपा-माले ने 48 हजार झुग्गियों को तोड़े जाने के हालिया निर्णय के खिलाफ 14 सितंबर 2020 से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरु की जिसमें पार्टी राज्य सचिव रवि राय के साथ शकुंतला देवी, सीता देवी, रामेश्वरी देवी, लरजरी देवी और सीता देवी (वजीरपुर झुग्गी निवासी पांच महिलाएं) भी शामिल हुईं.

श्रमिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन  (आनलाइन) 26 नवंबर 2020 को देशव्यापी आम हड़ताल का आह्वान

घोषणापत्र

लोगों की वास्तविक सभाओं में बाधा डालने वाली लॉकडाउन स्थितियों के कारण पहली बार 2 अक्टूबर 2020, गांधी जयंती दिवस, पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित हो रहा श्रमिकों का यह ऑनलाइन राष्ट्रीय सम्मेलन मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और साथ ही विभिन्न भाजपा नीत राज्य सरकारों द्वारा मजदूरों, किसानों और हमारे देश के आम लोगों के बुनियादी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमले की सख्त निंदा करता है.